Saturday, 17 January 2015

ये हैं भारत के 10 सबसे ज्यादा पैसा वाले राज्य, जानें 5 साल में देश को कितना दिया


1   देश की कमाई में एक मोटा हिस्सा राज्यों से आता है। राज्य ये कमाई टैक्स लगाकर करते हैं। पिछले पांच सालों में राज्यों ने देश का खजाना भरने में सबसे बड़ा योगदान दिया है। इस मामले में सबसे अधिक धन महाराष्ट्र ने दिया है। कमाई के मामले में जहां महाराष्ट्र देश का सबसे रईस राज्य है वहीं, टैक्स रेवेन्यू के मामले में सबसे अधिक टैक्स यहीं से आता है।

{ महाराष्ट्र ने दिया सबसे अधिक टैक्स रेवेन्यू }

महाराष्ट्र- यह भारत का सबसे रईस राज्य हैं और दूसरा सबसे बड़ा शहरी राज्य। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाज से तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। देश के कुल रेवेन्यू का 40 फीसदी महाराष्ट्र से आता है। एक ताजा रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र टैक्स रेवेन्यू के मामले में इस लिस्ट में टॉप पर है। पिछले पांच सालों में महाराष्ट्र ने भारत के खजाने में 76 बिलियन डॉलर यानी करीब 4 लाख 75 हजार 800 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।
2 आंध्र प्रदेश
रैंक- 2
टैक्स रेवेन्यू
टैक्स रेवेन्यू के मामले में दूसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश है। आंध्र ने पिछले पांच सालों में देश के खजाने में 54 बिलियन डॉलर यानी करीब 3,37,500 करोड़ रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

{ 3 यूपी }

रैंक- 3

टैक्स रेवेन्यू

टैक्स रेवेन्यू के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। यूपी ने राजनीतिक उठापटक के बावजूद पिछले पांच सालों में 50 बिलियन डॉलर यानी करीब 3 लाख 12 हजार 500 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

{ 4  तमिलनाडु  }

रैंक- 4

टैक्स रेवेन्यू

टैक्स रेवेन्यू के मामले में चौथा नंबर पर तमिलनाडु है। पिछले पांच साल में तमिलनाडु में देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में 46 बिलियन डॉलर यानी करीब 2 लाख 87 हजार 500 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

{ 5  कर्नाटक }

रैंक- 5

टैक्स रेवेन्यू

टैक्स रेवेन्यू के मामले में पांचवा स्थान कर्नाटक का है। पिछले पांच साल में कर्नाटक ने देश के खजाने में 42 बिलियन डॉलर यानी Rs 2 लाख 62 हजार 500 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

{ 6 गुजरात }

रैंक -6

टैक्स रेवेन्यू

मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते अच्छी विकास दर हासिल की। टैक्स रेवेन्यू के मामले में गुजरात का भी बड़ा योगदान रहा। पिछले पांच सालों में गुजरात ने 30 बिलियन डॉलर यानी करीब 1 लाख 87 हजार 500 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

{ 7 पश्चिम बंगाल }

रैंक- 7

टैक्स रेवेन्यू

टैक्स रेवेन्यू के मामले में पश्चिम बंगाल का भी बड़ा योगदान रहा है। पिछले पांच सालों में पश्चिम बंगाल ने 29 बिलियन

{ 8  राजस्थान  }

रैंक- 8

टैक्स रेवेन्यू

टैक्स रेवेन्यू के मामले में आठवां स्थान राजस्थान का है। पिछले पांच सालों में राजस्थान ने 25 बिलियन डॉलर 1 लाख 56 हजार 250 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

{ 9 केरल }

रैंक- 9

टैक्स रेवेन्यू

टैक्स रेवेन्यू हासिल करने के मामले में नौंवा स्थान केरल का है। पिछले पांच सालों में केरल ने 23 बिलियन डॉलर यानी करीब 1 लाख 43 हजार 750 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

{ 10  हरियाणा  }

रैंक- 10

टैक्स रेवेन्यू

टैक्स रेवेन्यू हासिल करने के मामले में 10वां स्थान हरियाणा का है। पिछले पांच सालों में हरियाणा ने भी केरल के बराबर 23 बिलियन डॉलर यानी करीब 1 लाख 43 हजार 750 रुपए का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।

Wednesday, 14 January 2015

राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति नहीं बनाना चाहते थे नेहरू, जानें क्यों ?

(डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू साथ में हैं सी राजगोपालाचारी।)

आज भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्मदिन है। इस अवसर पर हम आपके लिए लेकर आए हैं राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू के वैचारिक और व्यावहारिक मतभेद संबंधी कुछ खास जानकारियां...

पटना. भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और राजेंद्र प्रसाद में वैचारिक और व्यावहारिक मतभेद थे। ये मतभेद 1950 से 1962 तक प्रसाद के राष्ट्रपति रहने के दौरान लगातार बने रहे। कहा जाता है कि हिंदू परंपरावादी प्रसाद के राष्ट्रपति बनने से पहले भी आधुनिक और पश्चिमी सोच वाले नेहरू से उनकी पटरी नहीं बैठती थी।

डॉ प्रसाद अकेले ऐसे शख्स थे जो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के विरोध के बावजूद दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुने गए थे। ऐसा कहा जाता है कि नेहरू सी राजगोपालाचारी को देश का पहला राष्ट्रपति बनाना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल और कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं की राय डॉ राजेंद्र प्रसाद के हक में थी। आखिर नेहरू को कांग्रेस की बात माननी पड़ी और राष्ट्रपति के तौर पर प्रसाद को ही अपना समर्थन देना पड़ा।

{ गायों के वध पर रोक लगाना चाहते थे राजेंद्र प्रसाद, नेहरू थे नाखुश }

अगस्त 1947 में गायों के वध पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को प्रसाद के समर्थन से नेहरू नाखुश थे। 7 अगस्त 1947 को नेहरू ने प्रसाद को चिट्ठी में लिखा..."जहां तक मैं समझता हूं कि बापू भी गायों की हिफाजत के प्रबल समर्थक हैं, लेकिन गायों के वध पर ज़बरदस्ती रोक लगाए जाने के वो भी खिलाफ हैं। मेरी राय के मुताबिक इसकी वजह ये है कि बापू चाहते हैं कि हमें हिंदू राज्य की तरह नहीं बल्कि ऐसे समग्र राज्य की तरह काम करना चाहिए जिसमें हिंदू अगुआई करें।"
{ राजेंद्र प्रसाद को ज्योतिषियों ने राय दी थी 26 जनवरी 1950 नहीं है शुभ }

संविधान सभा में भी प्रसाद चाहते थे कि इंडिया का नाम बदल कर भारत कर दिया जाए, लेकिन नेहरू इंडिया के ही हक में थे। बाद में बीच का रास्ता निकाला गया और संविधान में लिखा गया- "इंडिया, दैट इज़ भारत।" प्रसाद देश के संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी 1950 की तारीख चुने जाने के खिलाफ थे।

प्रसाद को उनके ज्योतिषियों ने राय दी थी कि 26 जनवरी 1950 का दिन गणतंत्र दिवस के लिए शुभ नहीं है, लेकिन नेहरू इसी तारीख पर अड़ गए। नेहरू ने 22 सितंबर 1951 को एन जी आयंगर को लिखे पत्र में कहा भी था- "मुझे खेद है, राष्ट्रपति कुछ मुद्दों पर कैबिनेट की सिफारिश की जगह ज्योतिषियों की राय को अहमियत दे रहे हैं, लेकिन मेरा ज्योतिष जैसी बातों पर कोई विश्वास नहीं है।"


  1. { उत्तर वियतनाम के प्रेसिडेंट हो ची मिंह के साथ जवाहर लाल नेहरू और डॉ. राजेंद्र प्रसाद }

राजेंद्र प्रसाद ने छूए थे ब्राह्मणों के पैर, नेहरू ने किया था विरोध

नेहरू ने प्रसाद की बनारस यात्रा में ब्राह्मणों के पैर छूने का भी विरोध किया था। प्रसाद हिंदू कोड बिल में महिलाओं को ज़्यादा अधिकार दिए जाने के हक में नहीं थे। उन्होंने नेहरू से कहा कि जब हिंदू कोड बिल पर संसद में बहस होगी तो वो प्रेसिडेंट बॉक्स में मौजूद रहेंगे, जिससे सांसदों पर प्रभाव पड़ेगा।

नेहरू का कहना था कि प्रेसिडेंट बॉक्स का इस्तेमाल राष्ट्रपति संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के लिए ही कर सकते हैं। अन्यथा इसका इस्तेमाल विदेश से आने वाले सम्मानित मेहमानों के लिए ही किया जाना चाहिए। उस वक्त ऐसी भी अफवाहें थीं कि प्रसाद आरएसएस, जनसंघ और बिल के विरोधी कुछ कांग्रेस सांसदों के साथ मिलकर तख्तापलट कर सकते हैं।

नेहरू ने ये धमकी तक दे दी थी कि अगर प्रसाद ने अपना रुख नहीं छोड़ा तो वो इस्तीफ़ा दे देंगे। प्रसाद ने संयम दिखाया और अपनी बात पर जोर नहीं दिया।

{जवाहर लाल नेहरू, भूला भाई देसाई और राजेन्द्र प्रसाद (बीच में }


राजेंद्र प्रसाद चाहते थे मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की हो स्वतंत्र जांच

ये सच है कि नेहरू की मौजूदगी में प्रसाद खुल कर अपनी बात नहीं कह पाते थे। लेकिन नेहरू से लिखित संवाद में साफ तौर पर अपनी राय जताते थे। प्रसाद ने नेहरू को चेतावनी दी थी कि भ्रष्टाचार कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। प्रसाद ने सीधे राष्ट्रपति के तहत लोकायुक्त बनाए जाने की सिफारिश का समर्थन किया था जिससे कि मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा सके।

Saturday, 10 January 2015

ऑफलाइन Gmail

गैजेट डेस्क। हाल ही में गूगल द्वारा एक ईमेल ऐप लॉन्च किया गया है। इस ऐप का नाम Inbox रखा गया है। इस ऐप के जरिए यूजर्स अपने ईमेल ऐड्रेस पर आए हुए मेल्स को खोल सकेंगे और उनका रिप्लाई कर सकेंगे। इसे गूगल नाऊ (Google Now) की मदद से सिंक्रोनाइज किया गया है और ये आम ऐप से तेज और ज्यादा रोचक है। Gmail का इस्तेमाल अधिकतर यूजर्स करते हैं और बहुत सी जानकारी ईमेल्स के रूप में सेव करके रखते हैं। क्या आप जानते हैं कि जीमेल का इस्तेमाल ऑफलाइन भी किया जा सकता है? http://compatativequestion.blogspot.com आपको बताने जा रहा है जीमेल की कुछ सीक्रेट टिप्स और ट्रिक्स।



1. ऑफलाइन Gmail-

शायद आप ये ना जानते हों, लेकिन Gmail का इस्तेमाल ऑफलाइन भी किया जा सकता है। ये एक क्रोम एक्सटेंशन है जो यूजर्स को अपने इनबॉक्स के मेल चेक करने की, उनका रिप्लाई करने की, सर्च करने की और ईमेल्स को आर्काइव करने की सुविधा देता है।

क्या करें ऑफलाइन जीमेल खोलने के लिए-

* सबसे पहले इनबॉक्स के टॉप राइट साइड पर दिए सेटिंग्स आइकल में जाएं।
* इसके बाद सेटिंग्स पर जाकर ऑफलाइन टैब खोलें।
* अगर आपके सिस्टम में ये क्रोम एक्सटेंशन इंस्टॉल नहीं हुआ है तो Install Gmail Offline टैब पर क्लिक करें।
* इसके साथ ही क्रोम एक्सटेंशन का पेज खुलेगा जिससे जीमेल ऑफलाइन ऐप इंस्टॉल किया जा सकता है।
* इसके बाद जब भी यूजर्स को अपने ऑफलाइन मैसेज चेक करने हों इस ऐप को लॉन्च कीजिए और आपका इनबॉक्स बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी आपके सामने होगा।
GMAIL तेजी से काम करने के लिए कई तरह के की-बोर्ड शॉर्टकट्स का उपयोग करने की सुविधा देता है। जब आप GMAIL पेज पर हो तब (Ctrl + Enter) क्लिक कीजिए। इसका मतलब होगा मैसेज सेंड करो। (Ctrl + .) का मतलब होगा नेक्स्ट विंडो पर क्लिक करो, (Ctrl + Shift + c) का मतलब होगा रिसीवर्स को Cc करना, (Ctrl + Shift + b ) का मतलब होगा रिसीवर्स को bcc करना।
अपने ईमेल को स्टार मेल बनाना तो आपको आता ही होगा। यह महत्वपूर्ण ई-मेल को अलग से पहचानने के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि GMAIL में आप स्टार का कलर (रंग) भी बदल सकते हैं। इसके लिए -

Gear box > Settings > Stars

पर जाना होगा। इसके बाद 1*, 2* और ऐसे ही आप स्टार सिलेक्ट कर लें। मान लीजिए आपने ब्लू स्टार सिलेक्ट किया है तो जो 2* पर आएगा। तो अपने इनबॉक्स पर वापस जाने पर अगर आप किसी ई-मेल को एक बार स्टार देंगे तो वह यलो रंग का आएगा, लेकिन जैसे ही दूसरी बार इस पर क्लिक करेंगे तो यह ब्लू रंग का हो जाएगा।

Gmail पर यूजर्स अपने अकाउंट का बैकग्राउंड भी बदल सकते हैं। इसके लिए पिकासा एल्बम से फोटो इस्तेमाल की जा सकती है या फिर अपने पर्सनल एल्बम से और एंड्रॉइड फोन से भी फोटोज अपलोड की जा सकती हैं। इसके लिए-

Settings >> Themes >> Custom themes

में जाइए यहां कस्टम लाइट और कस्टम डार्क थीम सिकेक्ट की जा सकती है। यहां पर 'Select a background image' ऑप्शन पर क्लिक करें और अपनी फोटो सेव कर दीजिए।
अगर आपका इंटरनेट कनेक्शन धीमा है तो उसके साथ GMAIL को पूरी तरह से लोड होने में कुछ मिनट लग सकते हैं। इसकी जगह अगर आप बेसिक वर्जन का इस्तेमाल करें तो इनबॉक्स जल्दी लोड हो सकता है। इसके लिए-

' ?ui=html' यह कोड अपने स्टैंडर्ड GMAIL यूआरएल पर लगाना होगा।

Monday, 5 January 2015

दुनिया की 10 खुफिया एजेंसी

दुनिया के हर देश में नागरिकों, दस्तावेजों और खुफिया बातों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक एजेंसी बहुत ही शांत मगर शातिर तरीकों से निभा रही होती है. इन एजेंसियों में काम करने वाले लोग और तरीके आम लोगों को पता नहीं होते हैं
ऐसी ही दुनिया की 10 सबसे शक्तिशाली खुफिया एजेंसियों के बारे में, जिनके नाम से ही दुश्मनों कांप जाते है
1

RAW: रिसर्च एंड एनालि‍सिस विंग(रॉ) की स्थापना 1968 में की गई थी. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. रॉ विदेशी मामलों, अपराधियों, आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी रखती है. इंटेलिजेंस ब्यूरो(आईबी) भी देश की सुरक्षा के लिए काम करती है. इन दोनों एजेंसियों ने मिलकर कई बड़े आतंकी हमलों को नाकाम किया है

2
ASIS: ऑस्ट्रेलियन सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस (एएसआईएस) ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना 13 मई 1952 को की गई थी. इसका मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया के केनबरा में स्थित है. एएसआईएस की तुलना अमेरिका के सीआईए और यूके की खुफिया एजेंसी एमआई-6 से की जाती है.
3
ISI: इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी है. आईएसआई की स्थापना 1948 में की गई थी. अमेरिकी क्राइम रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआई को सबसे ताकतवर एजेंसी बताया गया था. हालांकि आईएसआई पर आए दिन आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं. भारत में हुए कई आतंकी हमलों में आईएसआई के एजेंट्स का हाथ बताया जा रहा है. इसका मुख्यालय इस्लामाबाद में है.
4
CIA: सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) अमेरिका की बहुचर्चित खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना 1947 में तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी ए ट्रूमैन ने की थी. सीआईए चार हिस्सों में बंटी हुई है. इसका मुख्यालय वाशिंगटन के पास वर्जीनिया में स्थित है. सीआईए डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस को रिपोर्ट करती है. 2013 में वाशिंगटन पोस्ट ने सीआईए को सबसे ज्यादा बजट वाली खुफिया एजेंसी बताया था. साइबर क्राइम, आतंकवाद रोकने समेत सीआईए देश की सुरक्षा के लिए काम करती है.
5

MSS: चीन की खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सेफ्टी(MSS) को 1983 में बनाया गया था. इस एजेंसी के जिम्मे काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशंस और विदेशी खुफिया ऑपरेशन्स को चलाना है.
6
MI6: मिलि‍ट्री इंटेलिजेंस सेक्शन-6 (MI6) यूनाइटेड किंगडम की खुफिया एजेंसी है. सबसे पुरानी खुफिया एजेंसियों में से एक MI6 की स्थापना 1909 में की गई थी. MI6 ज्वाइंट इंटेलिजेंस, डिफेंस, सरकार के साथ जानकारी साझा करने जैसे काम करती है. देश की संस्थाओं पर नजर रखने का काम भी MI6 के जिम्मे है.
7

FSB: फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) रूस की खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना 12 अप्रैल 1995 को हुई थी. एफएसबी का मुख्यालय मॉस्को में है. खुफिया से जुड़े मामलों के अलावा एफएसबी बॉर्डर से जुड़े मामलों पर भी गहरी नजर रखती है.
8

BND: जर्मनी की खुफिया एजेंसी Bundesnachrichtendienst को 1956 में गठित किया गया था. बीएनडी को दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया और आधुनिक तकनीकों से लैस एजेंसी माना जाता है. इसका मुख्यालय म्यूनिख के पास पुलाच में है.
9
MOSSAD: इजराइल की खुफिया एजेंसी MOSSAD को दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया एजेंसियों में गिना जाता है. MOSSAD की स्थापना 1949 की गई थी. MOSSAD मुख्यत: आतंकी विरोधी घटनाओं को अंजाम देती है और सीक्रेट ऑपरेशंस चलाती है, जिसका उद्देश्य देश की रक्षा करना होता है.
10

DGSE: Directorate General for External Security (DGSE) फ्रांस की इंटेलिजेंस एजेंसी है. DGSE को 1982 में बनाया गया था, जिसका मकसद फ्रांस सरकार के लिए विदेशों से खुफिया जानकारी एकत्र करना था. DGSE का मुख्यालय पेरिस में है.

Saturday, 3 January 2015

कैसे घर बैठे सुधार सकते हैं आधार कार्ड की गलतियां

http://compatativequestion.blogspot.in/2015/01/blog-post.html

आधार कार्ड में नाम, पता, लिंग, मोबाइल नंबर या जन्म तिथि गलत हो गई है, तो आप घर बैठे ऑनलाइन इसे सही करा सकते हैं। आधार कार्ड में इनमें से एक भी जानकारी गलत हुई तो आपके लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। आने वाले समय में बैंक में खाता खुलाने से लेकर, रसोई गैस की सब्सिडी एवं पासपोर्ट जैसी कई जरूरी सेवाओं के लिए आधार कार्ड की उपयोगिता बढ़ जाएगी। पाठकों की सुविधा के लिए भास्कर आपके लिए यह जरूरी जानकारी पहुंचा रहा है। ऐसे करें आधार को अपडेट


कैसे सुधारें आधार की गलतियां

> पहला स्टेप

http://uidai.gov.in वेबसाइट पर जाकर 'आपका आधार' लिंक पर क्लिक करें। नए पेज पर बायीं ओर नीचे की तरफ 'अपडेट योर आधार डाटा' पर क्लिक करें। यहां दिखेगा कि आप क्या-क्या जानकारी अपडेट कर सकते हैं। नीचे दी हुई लिंक पर क्लिक करें। फिर खुलने वाले पेज पर " सब्मिट योर अपडेट करेक्शन' क्लिक करें।

एंटर योर आधार नंबर में अपना आधार नंबर डालें। टेक्स्ट वेरिफिकेशन में स्पेशल कैरेक्टर डालें और ओटीपी पर क्लिक करें। इसके अगले पेज पर मोबाइल नंबर डालें। नीचे स्पेशल कैरेक्टर टेक्स्ट वाली जगह पर डालें। फिर ओटीपी पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर ओटीपी का मैसेज आएगा। वह आपको निर्धारित स्थान पर बने बॉक्स में डालना है। इसके बाद आप वेबसाइट पर लॉग इन हो जाएंगे।


डाटा अपडेट पर क्लिक करने के बाद प्रोसेस्ड पर क्लिक करिए। जरूरी दस्तावेज यहीं अपलोड करने होंगे। कंफर्म पर क्लिक करिए। फिर बीपीओ सर्विस प्रोवाइडर पर क्लिक करिए। वहां पर एक साइड में एजिस और दूसरी ओर कार्विस लिखा होगा। उसमें किसी भी एक को चुनकर सब्मिट करें। अपडेट होने पर कंपलीट का मैसेज मोबाइल पर आएगा। जिसमें आपको यूआरएन नंबर मिलेगा।

अंत में अपडेट स्टेटस पर आधार नंबर और यूआरएन डालें। इसके पूरा होते ही एक मैसेज नजर आएगा "योर रिक्वेस्ट कंपलीट सक्सेसफुल।' फिर इसे साइन आउट करें। शुरू में जहां डाटा अपडेट स्टेटस लिखा है। उस पर क्लिक करने के साथ ही एक बार फिर आधार नंबर एवं यूआरएन डालकर चैक करें। उसमें लिखा आएगा रिक्वेस्ट पेंडिंग। अब आप इंतजार करिए। कुछ समय बाद मोबाइल पर अपडेट की सूचना आ जाएगी।

Wednesday, 31 December 2014

दुनिया में और भी हैं ताजमहल

दुनिया में और भी हैं ताजमहल.
1

शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में यूपी के आगरा में ताजमहल का निर्माण करवाया. यह इमारत दुनिया के आश्चर्यों में शुमार है, जबकि इसे समय के साथ प्रेम का प्रतीक भी माना जाने लगा. दुनियाभर से लोग ताज का दीदार करने आगरा आते हैं. लेकिन इन सब के बीच दुनियाभर में ताजमहल की नकल कर कई अन्य इमारतें भी बनाई गईं. खास बात यह है कि ताज की इन नकलों का निर्माण अरब देशों से लेकर हिंदुस्तान की सरजमीं पर भी हुआ है.
2
अगर आप इसे आगरे का ताजमल समझ रहे हैं तो जरा ठहरिए और गौर से देखि‍ए. असल में यह तस्वीर ताजमहल की 'कॉपी कैट' है. यह औरंगाबाद स्थि‍त बीवी का मकबरा है. इसे 'मिनी ताज' भी कहते हैं.
3
दुबई में अरबों डॉलर की लागत से ताज अरेबिया का निर्माण करवाया जा रहा है. हालांकि यह अभी बनकर तैयार नहीं है, लेकिन संभव है कि 2016 तक इसे खोल दिया जाए. हालांकि मूल ताजमहल से इतर इसे एक वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर बनाया जा रहा है. इसे 'क्राउन ऑफ अरेबिया' का भी नाम दिया गया है.
4
कैलिफोर्निया की इस हाउसबोट को ताजमहल की शक्ल दी गई है. इसका निर्माण 70 के दशक में बिल हार्लन ने करवाया था. बताया जाता है कि बिल अपनी भारत यात्रा के दौरान ताजमल से खूब प्रभावित हुए थे, जिसके बाद उन्होंने उस समय करीब दो मिलियन डॉलर की लागत से इस ताजमहल हाउसबोट का निर्माण करवाया था
5
अटलांटिक सिटी, न्यूजर्सी की मशहूर इमारत ट्रम्प ताजमहल में भी भारत के ताजमहल की छवि दिखाई देती है. ताजमहल की तर्ज पर निर्मित यह एक कैसिनो और होटल है.
6
एक शहंशाह ने दौलत का सहारा लेकर हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक...' साहिर लुधियानवी का शेर खूब चर्चित रहा है, लेकिन बुलंदशहर के एक मजदूर ने अपनी पत्नी की याद में अपनी गरीबी से ऊपर उठकर ताजमल की नकल बनाने का प्रयास किया है. हालांकि पैसों की कमी के कारण यह अभी पूरा नहीं बन पाया है, लेकिन दुनिया में एक और ताजमहल के रूप में इसकी गिनती जरूर होने लगी है.
7
मलेशिया के इपोह में स्थानीय रेलवे स्टेशन को वहां के लोग ताजमल ऑफ इपोह पुकारते हैं. इसके पीछे उनका तर्क यह है कि यह भारत के ताजमहल की तरह उजले पत्थर से बना है और इसका मुख्य गुंबद ताजमल की तर्ज पर बनाया गया है.
8
विदेशी समाचार पत्र 'द गार्जियन' की खबर के मुताबिक, बांग्लादेश में एक फिल्म निर्माता ने ताजमहल की नकल बनवाई है. इसके पीछे उनका उद्देश्य टूरिस्टों को आकर्षित करना है. स्थानीय लोग इस इमारत को बांग्लादेश का ताजमहल पुकारते हैं.

Tuesday, 30 December 2014

एक रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का नोट कितने में छपता है।


नई दिल्ली. भारतीय बाजारों में बंद हो चुका एक रुपए का नोट नए साल से फिर से आपकी जेब में होगा। केंद्र सरकार दोबारा इसकी छपाई शुरू करने जा रही है। 1 जनवरी 2015 से इसकी छपाई फिर से शुरू होगी। करीब 20 साल पहले एक रुपए के नोट की छपाई बंद कर दी गई थी। वित्त मंत्रालय द्वारा कॉयनेज एक्ट 2011 में बदलाव के बाद फिर से एक रुपए का नोट छापने जा रही है। जानकारों के अनुसार कम मूल्‍य की राशि के नोट को छापने में सरकार को अधिक खर्च करना पड़ता है इसलिए छोटी राशि के नोटों का छपना बंद हो गया था।

हम आपको इस पैकेज के जरिए बता रहे हैं कि एक रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का नोट कितने में छपता है।

कितने में छपता है एक रुपए नोट

1 रुपए का नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 350 रुपए
सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 400 रुपए

1 रुपए का नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 0.35 पैसे
सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 0.40 पैसे

जानिए क्यों बंद हुई थी छपाई

सिक्के आने से बंद हुई थी एक रुपए की छपाई

एक, दो व पांच रुपए के सिक्कों के चलन में आने के बाद सरकार ने इनके नोटों की छपाई को बंद कर दिया था। एक रुपए के नोट की छपाई नवंबर 1994 में बंद की गई थी। वहीं, दो रुपए के नोट की छपाई फरवरी 1995 में और पांच रुपए के नोट की छपाई नवंबर 1995 में बंद की गई थी। हालांकि, पांच रुपए के नोट को सरकार ने बाद में दोबारा छापना शुरू कर दिया था। अब सरकार ने एक रुपए के नोट की छपाई भी शुरू करने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने इसकी गजट अधिसूचना भी जारी कर दी है।

मुद्रण कारखाने में छपेगा एक रुपए का नोट

पहले की तरह इस बार भी एक रुपए के नोट की छपाई रिजर्व बैंक के मिंट के बजाय भारत सरकार के मुद्रण कारखाने में ही होगी। नया नोट मौजूदा वित्त सचिव राजीव महर्षि के हस्ताक्षर से जारी किया जाएगा।

पहले से बड़ा होगा आकार

एक रुपए के नोट का आकार पहले के मुकाबले थोड़ा बड़ा होगा। इसका आकार 9.7 गुणा 6.3 सेंटीमीटर का होगा और इसके शीर्ष पर भारत सरकार लिखा नजर आएगा। नोट पर मल्टीटोनल वाटर मार्क में बिना सत्यमेव जयते शब्दों के अशोक की लाट अंकित होगी। मध्य भाग में सामान्य तौर पर न दिखने वाली संख्या '1' प्रकाशित होगी। नोट के दाईं तरफ 'भारत' शब्द अंकित होगा।

गुलाबी और हरे रंग का होगा मिश्रण

सूत्रों की मानें तो इस बार छपने वाले एक रुपए के करेंसी नोट का अगला हिस्सा गुलाबी और हरे रंग के मिश्रण में होगा। हिंदी व अंग्रेजी भाषा में वित्त सचिव के हस्ताक्षरों के साथ 'भारत सरकार' शब्द और रुपए के प्रतीक चिन्ह के साथ नए एक रुपए के सिक्के की छवि भी नजर आएगी। नोट के निचले हिस्से में दाईं ओर नोट का नंबर होगा।

नोटः एक रुपए के नोट की छपाई बैंकर के अनुसार, 0.35 से 0.40 पैसे प्रति नोट पड़ती है।

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10 रुपए का नोट कितने में छपता है

10 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 660 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 946 रुपए

10 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 0.66 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 0.94 रुपए

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कितने में छपता है 20 रुपए का नोट

20 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 940 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1160 रुपए

20 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 0.94 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1.16 रुपए

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कितने में छपता है 50 रुपए का नोट

50 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1635 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 946 रुपए

50 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1.63 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 0.94 रुपए

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कितने में छपता है 100 रुपए नोट

100 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1200 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1408 रुपए

100 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1.20 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1.40 रुपए

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कितने में छपता है 500 का नोट

500 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2450 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 2530 रुपए

500 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2.45 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 2.53 रुपए

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कितने में छपता है 1000 हजार का नोट

1000 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2670 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 3159 रुपए

1000 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2.67 रुपए

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Sunday, 28 December 2014

LPG मोबाइल से पता करें, आपका आधार कार्ड बैंक से जुड़ा है या नहीं

एक जनवरी से एलपीजी की सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ा जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इसके तहत अब तक 10 करोड़ आधार नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा मनरेगा, पीडीएस, स्कॉलरशिप, रेमिटेंस आदि के लिए भी आधार को बैंक अकाउंट से जोड़ना जरूरी है। आधार नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ने के लिए नागरिकों से उनका आधार कार्ड या आधार नंबर उस बैंक की शाखा में जमा करवाने को कहा गया है जहां उनका बैंक खाता है।
ऐसे पता करें बैंक से जुड़ा आधार या नहीं

यह पता करने के लिए कि आपका आधार नंबर आपके बैंक अकाउंट के साथ जुड़ गया है या नहीं, उपभोक्ता अपने मोबाइल पर *99*99# डायल करें। इसके बाद 12 डिजिट का आधार नंबर डालें और ओके करें। आधार नंबर सही है यह पुष्टि करने के लिए 1 डायल करें। इसके बाद मोबाइल पर आधार कार्ड के बैंक से जुड़े होने की जानकारी मिल जाएगी। इस मैसेज में यह भी बताया जाएगा कि किस बैंक से किस तारीख को आधार कार्ड लिंक हुआ है।
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एक जनवरी से देशभर में लागू होगी डीबीटीएल

पहल (डीबीटीएल) स्कीम सबसे पहले 1 जून 2013 को लॉन्च की गई थी और इसके तहत एलपीजी सब्सिडी लेने के लिए लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य बताया गया था। सरकार ने बाद में इस स्कीम में फेरबदल कर इसे 15 नवंबर 2014 को 54 जिलों के लिए लॉन्च किया था और अब ये सेवा 1 जनवरी 2015 से यह देश भर में लागू होने जा रही है।

इस स्कीम के तहत अब एलपीजी उपभोक्ता सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में ले सकेंगे। स्कीम से जुड़ने वाले सीटीसी कंज्यूमर कहलाएंगे। इसके दो तरीके हैं। प्राइमरी तरीके में जहां उपभोक्ता के पास आधार नंबर है उसे अपने आधार नंबर को बैंक अकाउंट नंबर और एलपीजी कंज्यूमर नंबर के साथ लिंक करना होगा। जबकि सैकंड्री तरीके में जहां उपभोक्ता के पास आधार नंबर नहीं है वहां वह अपनी सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में पा सकता है। इसके लिए या तो वे अपना बैंक अकाउंट की जानकारी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को दें या फिर अपना एलपीजी कंज्यूमर आईडी अपने बैंक को दें।
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मार्केट रेट पर मिलेगा सिलेंडर

पहल (डीबीटीएल) स्कीम के तहत उपभोक्ता को मार्केट रेट पर सिलेंडर खरीदना होगा और उस पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे सीटीसी कंज्यूमर के बैंक अकाउंट में जाएगी।

ग्रेस पीरियड

नॉन-सीटीसी कंज्यूमर्स को इस स्कीम से जुड़ने और सीटीसी बनने के लिए 3 महीने का समय मिलेगा। इस दौरान उन्हें सिलेंडर सब्सिडाइज्ड रिटेल सेलिंग प्राइस पर ही मिलेगा। इसके बाद उन्हें 3 महीने का पार्किंग पीरियड भी मिलेगा और इस दौरान उन्हें एलपीजी सिलेंडर बिना सब्सिडी के मार्केट प्राइस पर ही लेना होगा।

पर्मानेंट एडवांस

हर सीटीसी कंज्यूमर को पहल के साथ जुड़ने पर वन-टाइम एडवांस मिलेगा। यह एडवांस वित्तीय वर्ष के लिए फिक्स रहेगा। कनेक्शन कटने पर ही यह एडवांस एडजस्ट किया जाएगा।

Saturday, 6 December 2014

2014 youtube


गैजेट डेस्क। यूट्यूब इंटरनेट पर मौजूद बेस्ट वीडियो सर्विस है। ये यूजर फ्रेंड्ली है और इस वेबसाइट पर यूजर्स के हिसाब से वीडियोज मिल ही जाते हैं।
यूट्यूब का इस्तेमाल वैसे तो आपने कई बार किया होगा, लेकिन क्या आपको पता है की यूट्यूब वीडियोज के URL में जरा-सा फेरबदल कर कई काम किए जा सकते हैं।

http://compatativequestion.blogspot.com आपको आज बताने जा रहा है यूट्यूब वेबसाइट से जुड़ी कुछ खास ट्रिक्स के बारे में, जिन्हें शायद नहीं जानते होंगे आप।

1. ऐसे बिना किसी सॉफ्टवेयर के करें वीडियोज डाउनलोड-

यूट्यूब की मदद से आसानी से वीडियोज डाउनलोड किए जा सकते हैं। इसके लिए किसी खास सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं होगी। इतना ही नहीं,

यूट्यूब से MP3 फाइल्स भी डाउनलोड की जा सकती हैं। आपको सिर्फ URL में थोड़ा-सा फेरबदल करना होगा।

किसी भी वीडियो को डाउनलोड करने के लिए उसके URL के सामने PWN लिखना होगा। ध्यान रहे URL से http:// या https:// पहले हटा दिया हो।

ऊदाहरण-

www.youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA

ये वीडियो URL कुछ ऐसा बन जाएगा-

www.pwnyoutube.com/watch?v=9yZDsep3IBA
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करें MP3 डाउनलोड-

इसके बाद आप अपने मनपसंद फॉर्मेट में वीडियो डाउनलोड कर सकते हैं। इन्हें वीडियो से MP3 फाइल्स में भी इसी पेज से कन्वर्ट किया जा सकता है। वीडियो URL में PWN जोड़ने के बाद एक अलग साइट खुलेगी। इस साइट पर ऊपर के हिस्से में वीडियो डाउनलोड करने के ऑप्शन रहेंगे और निचले हिस्से में वीडियो को MP3 में बदलने के ऑप्शन रहेंगे (जैसा कि फोटो में दिखाया गया है)।

MP3 में बदलने के लिए दी गई वेबसाइट्स में से किसी एक को इस्तेमाल करना होगा। एक बार वीडियो कन्वर्ट हो जाए तो उसे अपने पीसी में डाउनलोड किया जा सकता है।
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3

वीडियो को करें रिपीट-

यूट्यूब URL में थोड़ा-सा फेरबदल करके आप अपने यूट्यूब वीडियो को कितनी भी बार रिपीट कर सकते हैं। इसके लिए आपको बार-बार यूट्यूब साइट पर नहीं जाना होगा। ये प्रोसेस अपने आप होगी। इसके लिए यूट्यूब वीडियो URL में "repeater" Youtube के बाद जोड़ना होगा।

जैसे-

youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA

ऐसा बन जाएगा-

youtuberepeater.com/watch?v=9yZDsep3IBA
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4

अगर वीडियो में रीजनल रिस्ट्रिक्शन हो तो-

कई बार ऐसे वीडियोज सामने आ जाते हैं, जो किसी और देश से होस्ट किए गए हों। ये वीडियोज आपके एरिया के लिए रिस्ट्रिक्ट होते हैं। ऐसे में, ये अपने आप में बहुत कॉम्प्लिकेटेड होते हैं। इन वीडियोज के URL में भी फेरबदल करना पड़ेगा।

उदाहरण-

watch?v=IEIWdEDFlQY ये URL

ऐसा बन जाएगा-

/v/IEIWdEDFlQY
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5

अगर वीडियो किसी खास जगह से चलाना हो तो-

अगर यूट्यूब का वीडियो किसी खास जगह से चलाना हो, तो इसके लिए आप वीडियो का करंट टाइम URL नोट कर सकते हैं। अगर कोई खास टाइम है, तो यूट्यूब वीडियो का करंट टाइम URL आप किसी भी समय वीडियो पर राइट क्लिक करके कॉपी कर सकते हैं, जैसा कि फोटो में दिखाया गया है।

अगर ऐसा नहीं करना है या कुछ सेकंड बाद से वीडियो चलाना है तो-
ये URL-

www.youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA

कुछ ऐसा बन जाएगा-

https://www.youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA#t=86


Friday, 7 November 2014

वस्तुनिष्ठ Objective

भारतीय प्रशासन कानपुर

भारतीय इतिहास सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

भारतीय सेना का निर्माण कब हुआ था?
1747 ई. में 1748 ई. में 1749 ई. में 1847 ई. में
उत्तर : 1847 ई. में
भारत में लोक सेवा आयोग की प्रथम बार स्थापना किस अधिनियम के द्वारा हुई?
इणिडयन काउनिसल एक्ट, 1892 काउनिसल एक्ट, 1909 गर्वमेन्ट आफ इण्डिया एक्ट, 1919 गर्वमेन्ट आफ इण्डिया एक्ट, 1935
उत्तर : गर्वमेन्ट आफ इण्डिया एक्ट, 1919
शारदा अधिनियम किससे सम्बन्धित था?
भारतीय विवाह व्यवस्था भारतीय साहित्य भारतीय अर्थव्यवस्था
उत्तर :भारतीय विवाह व्यवस्था
संवैधानिक सभा की स्थापना किसके द्वारा हुई ?
मांउटबेटन योजना क्रिप्स प्रस्ताव कैबिनेट मिशन योजना इनमें से कोई नहीं
उत्तर कैबिनेट मिशन योजना
‘पाकिस्तान शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया?
चौधरी रहमत अली सर सैदय अहमद मोहम्मद इकबाल मोहम्मद अली जिन्ना ;
उत्तर : चौधरी रहमत अली
अन्तरिम सरकार में मुस्लिम लीग के सदस्य शामिल थे?
7 4 9 5
उत्तर : 9
बंगाल के प्रथम पीढ़ी के अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त नवयुवक पर निम्नलिखित में किसका प्रभाव सबसे अधिक पड़ा?
विलियम डेरोजियो ( विलियम कैरे राजा राममोहन राय केशवचन्द्र सेन
उत्तर : राजा राममोहन राय
सत्यशोधक समाज के संस्थापक कौन थे?
नारायण गुरु ( डा. भीमराव अम्बेडकर ज्योतिबा फुले बी. आर. शिन्दे
उत्तर : ज्योतिबा फुले
राजा राममोहन राय की मृत्यु के बाद ब्रह्रा समाज को किसने पुनर्जीवित किया?
रवीन्द्रनाथ टैगोर ताराचन्द चक्रवर्ती देवेन्द्रनाथ टैगोर दयानन्द सरस्वती
उत्तर : देवेन्द्रनाथ टैगोर
भारत में अंग्रेजी शिक्षा का प्रारम्भ सर्वप्रथम किसने किया?
लार्ड मैकाले विलियम बेंटिंक लार्ड कार्नवालिस वारेन हेसिंटग्ज
उत्तर : लार्ड मैकाले
1857 की क्रानित में बेगम हजरत महल ने किस स्थान पर विद्रोह का नेतृत्व किया था?
दिल्ली इलाहाबाद लखनऊ
उत्तर : इलाहाबाद
सन 1750 ई. में सर्वप्रथम अशोक स्तम्भ का पता किसने लगाया था?
विलियम जोन्स जेम्स प्रिंसेप टेफेन्थैलर अलेक्जेण्डर कनिंघम
उत्तर :टेफेन्थैलर
विश्व का सबसे बड़ा कछुआ की उम्र कितनी है ? उत्तर = उम्र: 529 साल (अमेज़न नदी में पाया जाता है )

भारत मे कृषि

1. भारत के कुल क्षेत्रफल के कितने प्रतिशत भाग पर खेती होती है ?
►- 51 प्रतिशत

2. भारत में कितने प्रतिशत भाग पर चारागाह है ?
उत्तर 4 प्रतिशत

3. वन से भरी भूमि का प्रतिशत कितना है ?
उत्तर - 21 प्रतिशत

4. बंजर भूमि तथा बिना उपयोग की भूमि का प्रतिशत भारत में कितना है ?
उत्तर - 24 प्रतिशत

5. नकदी फसल किसे कहते हैं ?
उत्तर - वह फसल जो व्यापार के उद्देश्य से किसानों द्वारा की जाती है । जैसे- कपास, गन्ना, तंबाकू, जूट इत्यादि ।

6. रबी की फसल किसे कहते हैं ?
उत्तर - यह फसल अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती है । मार्च-अप्रैल में काटी जाती है । जैसे- गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों, आलू, राई इत्यादि ।

7. खरीफ की फसल किसे कहते हैं ?
उत्तर - यह फसल जून-जुलाई में बोई जाती है और नवंबर-दिसंबर में काट ली जाती है । जैसे- धान, गन्ना, तिलहन, कपास, मक्का, तिल, ज्वार, बाजरा इत्यादि ।

8. जायद फसल का क्या अर्थ है ?
उत्तर - यह मई-जून में बोई जाती है और जुलाई-अगस्त में काट ली जाती है । जैसे- राई, उड़द, मूंग, तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा इत्यादि ।

9. झूम खेती क्या है ?
उत्तर - इसमें जंगलों को काटकर भूमि साफ की जाती है । इसके बाद इस भूमि पर खेती की जाती है । कुछ दिनों बाद भूमि की उर्वरता समाप्त हो जानने पर यह भूमि छोड़ दी जाती है । इस तरह की खेती पूर्वोत्तर के राज्यों में की जाती है ।

10. देश में कुल कृषि योग्य भूमि के कितने प्रतिशत भाग पर गेहूं की खेती की जाती है ?
उत्तर - 15 प्रतिशत

11. हरित क्रांति का सबसे अधिक प्रभाव किस फसल पर पड़ा ?
उत्तर - चावल और गेहूं ।

12. भारत में हरित क्रांति लाने का श्रेय किन्हें जाता है ?
उत्तर - डॉ. एम एस स्वामीनाथन

13. भारत में हरित क्रांति की शुरुआत कब हुई थी ?
उत्तर - 1967-1968 ई. ।

14. तिलहन प्रौद्योगिकी मिशन की स्थापना कब हुई ?
उत्तर - 1986 ई.

15. भारत यूरिया के मामले में कितना आत्मनिर्भर है ?
उत्तर - 100 प्रतिशत

16. किस उर्वरक का भारत पूरी तरह आयात करता है ?
उत्तर - पोटाशियम

17. केसर का एकमात्र उत्पादक राज्य कौन है ?
उत्तर - जम्मू-कश्मीर

18. भारत में सबसे अधिक रेशम कहां पैदा होता है ?
उत्तर - कर्नाटक

19. प्राकृतिक रबड़ में भारत का कौन-सा अव्वल है ?
उत्तर - केरल (विश्व में चौथा स्थान)

20. नासिक किसकी खेती के लिए प्रसिद्ध है ?
उत्तर - अंगूर

21. काफी के उत्पादन के लिए भारत में कौन-सी जगह प्रसिद्ध है ?
उत्तर - कुर्ग (नीलगिरी की पहाड़ी)

22. राष्ट्रीय रसदार फल अनुसंधान केंद्र कहां स्थित है ?
उत्तर - नागपुर

23. सबसे अधिक तंबाकू उत्पादित करने वाले राज्य कौन-से हैं ?
उत्तर - आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु

24. विश्व में किसके उत्पादन में भारत का स्थान पहला है ?
उत्तर - आम, चीकू, खट्टा नींबू, केला, नारियल, काली मिर्च, अदरक, हल्दी ।

25. सब्जियों और फलों के उत्पादने में विश्व में भारत का कौन-सा स्थान है ?
उत्तर - भारत (पहला स्थान चीन का है।)

26. विश्व में चावल के उत्पादन में चीन के बाद किस देश का स्थान है ?
उत्तर - भारत

Tuesday, 26 August 2014

Minister of State (Independent Charge) 2014 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभारी)



राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभारी)
जनरल (सेवानिव्रत्त) वी.के.सिंग पूर्वोत्तर क्षेत्रो का विकास (स्वतंत्र प्रभार) विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलो का मंत्रालय
इन्द्रजीत सिंह राव नियोजन (स्वतंत्र प्रभार) सांखियकी व कार्यक्रम क्रियांवयन (स्वतंत्र प्रभार) ,रक्षा
संतोष कुमार गंगवार कपडा (स्वतंत्र प्रभार),संसदीय कार्य मंत्रालय,जल संसाधन,नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन
श्रीपद येसो नाइक संस्क्रति (स्वतंत्र प्रभार),पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार)
धर्मेद्र प्रधान पेट्टोलिया व प्राक्रतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
सर्वोनन्द सोनोवाल कौशल विकास, उघ्मशिलता युवा मामले व खेल (स्वतंत्र प्रभार)
प्रकाश जावडेकर सूचान व प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार),पर्यावरण,वन एंव जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार),संसदीय मामले
पीयूष गोयल विधुत (स्वतंत्र प्रभार) कोयल (स्वतंत्र प्रभार),नवीन व नवीनीक्रत ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार),
जितेन्द्र सिंह विज्ञान व प्रौधोगिकी (स्वतंत्र प्रभार),भू-विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, आणविक ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग,
निर्मला सीतारमन वाणिज्य और उधोग (स्वतंत्र प्रभार) वित्त, कार्पोरेट मामले

Monday, 25 August 2014

Cabinet Union2014 केन्द्रीय मंत्रीमण्डल 2014




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केन्द्रीय मंत्रिमण्डल
नरेद्रमोदी प्रधानमंत्री कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, आणविक ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग !अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत विभागो और जिन म्ंत्रालयो को बंटवारा किसी म्ंत्री को फिलहाल नही किया गया है !
कैबिनेट मंत्री
राजनाथ सिंह ग्रह मंत्रालय
सुषमा स्वराज विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलो का मंत्रालय
अरुण जेट्ली वित्त,कार्पोरेट मामले, रक्षा मंत्रालय
एम,वेकैया नायडू शहरी विकास,आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन, संसदीय कार्य मंत्रालय
नितिन गडकरी सडक परिवहन एंव राजमार्ग,जहाजरानी,ग्रामीण विकास, पंचायती राज,पेयजल व स्वच्छता
डी.वी.सदानन्द गौडा रेलमंत्रालय
उमा भारती जल संसाधान, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन
नजमा हेपतुल्ला अल्पसंख्यक मामलो का मंत्रालय
रामविलासा पासवान उपभोक्ता मामलो खाघ व सार्वजनिक वितरण
कलराज मिश्र सक्ष्म लधु और मध्यम उधोग
मेनका महिला और बाल विकास वितरण
अन्ंत कुमार रसायन और उर्वरक
रविशंकर प्रसाद संचार और सूचान प्रोधोगिकी कानून व न्याय
अशोक गजापति राजु पशुपति नागरिक उडयन
अनंत गीते भारी उधोग और सार्वजनिक उधम
हरसिमरत कौर बादल खाघ प्रसंस्करण उघोग
नरेन्द्र सिंह तोमर खनन, इस्पात,श्रम और रोजगार
जुएल उरांव जनजातीय मामले
राधा मोहन सिंह क्रषि
थावरंचद गहलोत सामाजिक न्याय व अधिकारिता
स्म्रति ईरानी
मानव संसाधन विकास
हर्षवर्ध्दन स्वास्थ्य व परिवार कल्याणा
Dharmendra yadav next 1 pagesराज्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार)


Thursday, 21 August 2014

Ama bajaṭa kē mukhya bindu 2014 आम बजट के मुख्य बिन्दु 2014





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आम बजट के मुख्य बिन्दु
1, व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा रु 2 लाख से बढ़ाकर रु 2.5लाख की गई !
2. वरिष्ठ नागरिको को रु 3 लाख तक की आय पर कर नही देना होगा! 2013 मे 2.5 लाख थी
उसे बढ़ाकर 2014 मे 3 लाख कर दि गई !जिस पर कर नही देना होगा
3,धारा 80 सी के तहत निवेश की सीमा रु 1लाख से बढ़ाकर रु 1.5 लाख की गई ! पीपीएफ मे निवेश की सीमा रु 1.00 लाख से बढ़ाकर रु1.5 लाख की गई !
4, छोटे उघमो को प्रोत्साहन के लिए बर्ष मे रु 25 करोड से अधिक के निवेश पर 15 प्रतिशत निवेश भत्ते का प्रस्ताव हे !
5, स्मार्ट सिटी के लिए रु7.060 करोड का आवंटना
6, धार्मिक शहरो के लिए 'प्रसाद' व विरासत वाले शहरो के लिए 'ह्र्दय' परियोजना का शुभारम्भ !
7, महिला एंव बाल विकास पर विशेष बल
8, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना शुरु करने का प्रस्ताव !
9,सरकरी सडक परिवह्न मे महिला सुरक्षा के लिए रु 50 करोड !
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 


Monday, 2 June 2014

भारत की सबसे लंबी ट्रेन




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दो KM लंबी है भारत की सबसे लंबी ट्रेन

 

महाराजा एक्सप्रेस की सवारी है सबसे शानदार

महाराजा एक्सप्रेस को भारत की सबसे लग्जरी ट्रेनों में गिना जाता है। इस ट्रेन की सजावट शाही महल की तरह है, जिससे यात्रियों को राजाओं वाले ठाट-बाट का आनंद मिलता है। इस ट्रेन को अंतरराष्ट्रीय रेलवे ट्रेवलर सोसाइटी ने टॉप 25 ट्रेनों में रखा है। इसमें सात दिन की यात्रा का किराया 2,12,000 रुपए है और 23 डिब्बों में 84 यात्री सफर करते हैं।

रेल नेटवर्क के मामले में भारत का स्थान विश्व में चौथे स्थान पर आता है। 63,974 km तक फैले रेल मार्ग से प्रतिदिन लाखों लोग सफर करते हैं और करोड़ों टन सामान ढोया जाता है। लंबी दूरी तय करने के लिए आज रेलवे आम आदमी का सबसे बड़ा सहारा है। कोयला हो या चावल मालगाड़ियों की सहायता से आवश्यक सामान को कम खर्च में देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जा रहा है। भारतीय रेल कई मामलों में बेहद खास है।

दिल्ली से मुंबई के बीच चलती है सबसे लंबी मालगाड़ी

दिल्ली से मुंबई के बीच 1397 किमी के सफर में ये किसी वीआईपी ट्रेन की तरह है। दो किमी लंबी मालगाड़ी। दो इंजन हैं और गार्ड के दो डिब्बे। जब चलती है तो अगले स्टेशन तक का ट्रैक खाली करवा लिया जाता है। रास्ते की ट्रेनें रोक दी जाती हैं। सिर्फ वडोदरा में एक स्टॉपेज है, जहां ड्राइवर और गार्ड बदले जाते हैं। वेस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ शरत चंदरयान कहते हैं कि दिसंबर में ट्रायल शुरू हुआ था, अब यह नियमित हो गई है। 

नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस है सबसे तेज
नई दिल्ली से भोपाल के लिए चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भारत की सबसे तेज ट्रेन है। फरीदाबाद से आगरा के बीच यह ट्रेन 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती है। यह गाड़ी 7 घंटे और 50 मिनट में 704 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर लेती है। इसकी शुरुआत 1988 में की गई थी। शताब्दी के सभी कोच वातानुकूलित (AC) हैं
सबसे लंबा सफर तय करती है विवेक एक्सप्रेस
असम के डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी के लिए चलने वाली विवेक एक्सप्रेस 4273 की दूरी तय करती है। देश के पूर्वोत्तर छोर को दक्षिण छोर से मिलाने वाली यह ट्रेन सबसे लंबा सफर तक करती है।
वहीं, नागपुर से अजनी स्टेशन के बीच चलने वाली ट्रेन सबसे कम दूरी तय करती है। इन दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी मात्र 3 किलोमीटर है। 
यह ट्रेन बिना रुके तय करती है सबसे लंबी दूरी
बीना रुके सबसे ज्यादा दूरी तय करने वाली ट्रेन त्रिवेंद्रम- ह. निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस है। यह ट्रेन वड़ोदरा से कोटा के बीच की 528 किलोमीटर की दूरी नॉन-स्टॉप तय करती है। मुंबई राजधानी एक्सप्रेस इस मामले में दूसरे नं. पर है। यह ट्रेन नई दिल्ली से कोटा के बीच कहीं नहीं रुकती है। 
सबसे अधिक स्टेशनों पर रुकती है यह ट्रेन
सबसे ज्यादा स्टेशनों पर रूकने वाली ट्रेन हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस है। यह ट्रेन 115 जगहों पर रुकती है। दूसरे नंबर पर दिल्ली-हावड़ा जनता एक्सप्रेस है जो 109 स्टेशनों पर रुकती है। इस सूची में तीसरे नं. पर जम्मू तवी-सियालदह एक्सप्रेस आती है, जो 99 स्टेशनों पर रुकती है।
यह ट्रेन है सबसे लेट-लतीफ
अपने देश में अगर कोई ट्रेन समय पर आ जाए तो यह एक आश्चर्य की बात होती है। लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में सबसे लेट-लतीफ ट्रेन की बात करें को गुवाहाटी-त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस का नाम आता है। चार्ट के अनुसार इसे अपना सफर 65 घंटे और पांच मिनट में पूरा करना है, जबकि यह औसतन 10-12 घंटे लेट चलती है