Saturday, 10 January 2015

ऑफलाइन Gmail

गैजेट डेस्क। हाल ही में गूगल द्वारा एक ईमेल ऐप लॉन्च किया गया है। इस ऐप का नाम Inbox रखा गया है। इस ऐप के जरिए यूजर्स अपने ईमेल ऐड्रेस पर आए हुए मेल्स को खोल सकेंगे और उनका रिप्लाई कर सकेंगे। इसे गूगल नाऊ (Google Now) की मदद से सिंक्रोनाइज किया गया है और ये आम ऐप से तेज और ज्यादा रोचक है। Gmail का इस्तेमाल अधिकतर यूजर्स करते हैं और बहुत सी जानकारी ईमेल्स के रूप में सेव करके रखते हैं। क्या आप जानते हैं कि जीमेल का इस्तेमाल ऑफलाइन भी किया जा सकता है? http://compatativequestion.blogspot.com आपको बताने जा रहा है जीमेल की कुछ सीक्रेट टिप्स और ट्रिक्स।



1. ऑफलाइन Gmail-

शायद आप ये ना जानते हों, लेकिन Gmail का इस्तेमाल ऑफलाइन भी किया जा सकता है। ये एक क्रोम एक्सटेंशन है जो यूजर्स को अपने इनबॉक्स के मेल चेक करने की, उनका रिप्लाई करने की, सर्च करने की और ईमेल्स को आर्काइव करने की सुविधा देता है।

क्या करें ऑफलाइन जीमेल खोलने के लिए-

* सबसे पहले इनबॉक्स के टॉप राइट साइड पर दिए सेटिंग्स आइकल में जाएं।
* इसके बाद सेटिंग्स पर जाकर ऑफलाइन टैब खोलें।
* अगर आपके सिस्टम में ये क्रोम एक्सटेंशन इंस्टॉल नहीं हुआ है तो Install Gmail Offline टैब पर क्लिक करें।
* इसके साथ ही क्रोम एक्सटेंशन का पेज खुलेगा जिससे जीमेल ऑफलाइन ऐप इंस्टॉल किया जा सकता है।
* इसके बाद जब भी यूजर्स को अपने ऑफलाइन मैसेज चेक करने हों इस ऐप को लॉन्च कीजिए और आपका इनबॉक्स बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी आपके सामने होगा।
GMAIL तेजी से काम करने के लिए कई तरह के की-बोर्ड शॉर्टकट्स का उपयोग करने की सुविधा देता है। जब आप GMAIL पेज पर हो तब (Ctrl + Enter) क्लिक कीजिए। इसका मतलब होगा मैसेज सेंड करो। (Ctrl + .) का मतलब होगा नेक्स्ट विंडो पर क्लिक करो, (Ctrl + Shift + c) का मतलब होगा रिसीवर्स को Cc करना, (Ctrl + Shift + b ) का मतलब होगा रिसीवर्स को bcc करना।
अपने ईमेल को स्टार मेल बनाना तो आपको आता ही होगा। यह महत्वपूर्ण ई-मेल को अलग से पहचानने के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि GMAIL में आप स्टार का कलर (रंग) भी बदल सकते हैं। इसके लिए -

Gear box > Settings > Stars

पर जाना होगा। इसके बाद 1*, 2* और ऐसे ही आप स्टार सिलेक्ट कर लें। मान लीजिए आपने ब्लू स्टार सिलेक्ट किया है तो जो 2* पर आएगा। तो अपने इनबॉक्स पर वापस जाने पर अगर आप किसी ई-मेल को एक बार स्टार देंगे तो वह यलो रंग का आएगा, लेकिन जैसे ही दूसरी बार इस पर क्लिक करेंगे तो यह ब्लू रंग का हो जाएगा।

Gmail पर यूजर्स अपने अकाउंट का बैकग्राउंड भी बदल सकते हैं। इसके लिए पिकासा एल्बम से फोटो इस्तेमाल की जा सकती है या फिर अपने पर्सनल एल्बम से और एंड्रॉइड फोन से भी फोटोज अपलोड की जा सकती हैं। इसके लिए-

Settings >> Themes >> Custom themes

में जाइए यहां कस्टम लाइट और कस्टम डार्क थीम सिकेक्ट की जा सकती है। यहां पर 'Select a background image' ऑप्शन पर क्लिक करें और अपनी फोटो सेव कर दीजिए।
अगर आपका इंटरनेट कनेक्शन धीमा है तो उसके साथ GMAIL को पूरी तरह से लोड होने में कुछ मिनट लग सकते हैं। इसकी जगह अगर आप बेसिक वर्जन का इस्तेमाल करें तो इनबॉक्स जल्दी लोड हो सकता है। इसके लिए-

' ?ui=html' यह कोड अपने स्टैंडर्ड GMAIL यूआरएल पर लगाना होगा।

Monday, 5 January 2015

दुनिया की 10 खुफिया एजेंसी

दुनिया के हर देश में नागरिकों, दस्तावेजों और खुफिया बातों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक एजेंसी बहुत ही शांत मगर शातिर तरीकों से निभा रही होती है. इन एजेंसियों में काम करने वाले लोग और तरीके आम लोगों को पता नहीं होते हैं
ऐसी ही दुनिया की 10 सबसे शक्तिशाली खुफिया एजेंसियों के बारे में, जिनके नाम से ही दुश्मनों कांप जाते है
1

RAW: रिसर्च एंड एनालि‍सिस विंग(रॉ) की स्थापना 1968 में की गई थी. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. रॉ विदेशी मामलों, अपराधियों, आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी रखती है. इंटेलिजेंस ब्यूरो(आईबी) भी देश की सुरक्षा के लिए काम करती है. इन दोनों एजेंसियों ने मिलकर कई बड़े आतंकी हमलों को नाकाम किया है

2
ASIS: ऑस्ट्रेलियन सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस (एएसआईएस) ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना 13 मई 1952 को की गई थी. इसका मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया के केनबरा में स्थित है. एएसआईएस की तुलना अमेरिका के सीआईए और यूके की खुफिया एजेंसी एमआई-6 से की जाती है.
3
ISI: इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी है. आईएसआई की स्थापना 1948 में की गई थी. अमेरिकी क्राइम रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआई को सबसे ताकतवर एजेंसी बताया गया था. हालांकि आईएसआई पर आए दिन आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं. भारत में हुए कई आतंकी हमलों में आईएसआई के एजेंट्स का हाथ बताया जा रहा है. इसका मुख्यालय इस्लामाबाद में है.
4
CIA: सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) अमेरिका की बहुचर्चित खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना 1947 में तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी ए ट्रूमैन ने की थी. सीआईए चार हिस्सों में बंटी हुई है. इसका मुख्यालय वाशिंगटन के पास वर्जीनिया में स्थित है. सीआईए डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस को रिपोर्ट करती है. 2013 में वाशिंगटन पोस्ट ने सीआईए को सबसे ज्यादा बजट वाली खुफिया एजेंसी बताया था. साइबर क्राइम, आतंकवाद रोकने समेत सीआईए देश की सुरक्षा के लिए काम करती है.
5

MSS: चीन की खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सेफ्टी(MSS) को 1983 में बनाया गया था. इस एजेंसी के जिम्मे काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशंस और विदेशी खुफिया ऑपरेशन्स को चलाना है.
6
MI6: मिलि‍ट्री इंटेलिजेंस सेक्शन-6 (MI6) यूनाइटेड किंगडम की खुफिया एजेंसी है. सबसे पुरानी खुफिया एजेंसियों में से एक MI6 की स्थापना 1909 में की गई थी. MI6 ज्वाइंट इंटेलिजेंस, डिफेंस, सरकार के साथ जानकारी साझा करने जैसे काम करती है. देश की संस्थाओं पर नजर रखने का काम भी MI6 के जिम्मे है.
7

FSB: फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) रूस की खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना 12 अप्रैल 1995 को हुई थी. एफएसबी का मुख्यालय मॉस्को में है. खुफिया से जुड़े मामलों के अलावा एफएसबी बॉर्डर से जुड़े मामलों पर भी गहरी नजर रखती है.
8

BND: जर्मनी की खुफिया एजेंसी Bundesnachrichtendienst को 1956 में गठित किया गया था. बीएनडी को दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया और आधुनिक तकनीकों से लैस एजेंसी माना जाता है. इसका मुख्यालय म्यूनिख के पास पुलाच में है.
9
MOSSAD: इजराइल की खुफिया एजेंसी MOSSAD को दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया एजेंसियों में गिना जाता है. MOSSAD की स्थापना 1949 की गई थी. MOSSAD मुख्यत: आतंकी विरोधी घटनाओं को अंजाम देती है और सीक्रेट ऑपरेशंस चलाती है, जिसका उद्देश्य देश की रक्षा करना होता है.
10

DGSE: Directorate General for External Security (DGSE) फ्रांस की इंटेलिजेंस एजेंसी है. DGSE को 1982 में बनाया गया था, जिसका मकसद फ्रांस सरकार के लिए विदेशों से खुफिया जानकारी एकत्र करना था. DGSE का मुख्यालय पेरिस में है.

Saturday, 3 January 2015

कैसे घर बैठे सुधार सकते हैं आधार कार्ड की गलतियां

http://compatativequestion.blogspot.in/2015/01/blog-post.html

आधार कार्ड में नाम, पता, लिंग, मोबाइल नंबर या जन्म तिथि गलत हो गई है, तो आप घर बैठे ऑनलाइन इसे सही करा सकते हैं। आधार कार्ड में इनमें से एक भी जानकारी गलत हुई तो आपके लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। आने वाले समय में बैंक में खाता खुलाने से लेकर, रसोई गैस की सब्सिडी एवं पासपोर्ट जैसी कई जरूरी सेवाओं के लिए आधार कार्ड की उपयोगिता बढ़ जाएगी। पाठकों की सुविधा के लिए भास्कर आपके लिए यह जरूरी जानकारी पहुंचा रहा है। ऐसे करें आधार को अपडेट


कैसे सुधारें आधार की गलतियां

> पहला स्टेप

http://uidai.gov.in वेबसाइट पर जाकर 'आपका आधार' लिंक पर क्लिक करें। नए पेज पर बायीं ओर नीचे की तरफ 'अपडेट योर आधार डाटा' पर क्लिक करें। यहां दिखेगा कि आप क्या-क्या जानकारी अपडेट कर सकते हैं। नीचे दी हुई लिंक पर क्लिक करें। फिर खुलने वाले पेज पर " सब्मिट योर अपडेट करेक्शन' क्लिक करें।

एंटर योर आधार नंबर में अपना आधार नंबर डालें। टेक्स्ट वेरिफिकेशन में स्पेशल कैरेक्टर डालें और ओटीपी पर क्लिक करें। इसके अगले पेज पर मोबाइल नंबर डालें। नीचे स्पेशल कैरेक्टर टेक्स्ट वाली जगह पर डालें। फिर ओटीपी पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर ओटीपी का मैसेज आएगा। वह आपको निर्धारित स्थान पर बने बॉक्स में डालना है। इसके बाद आप वेबसाइट पर लॉग इन हो जाएंगे।


डाटा अपडेट पर क्लिक करने के बाद प्रोसेस्ड पर क्लिक करिए। जरूरी दस्तावेज यहीं अपलोड करने होंगे। कंफर्म पर क्लिक करिए। फिर बीपीओ सर्विस प्रोवाइडर पर क्लिक करिए। वहां पर एक साइड में एजिस और दूसरी ओर कार्विस लिखा होगा। उसमें किसी भी एक को चुनकर सब्मिट करें। अपडेट होने पर कंपलीट का मैसेज मोबाइल पर आएगा। जिसमें आपको यूआरएन नंबर मिलेगा।

अंत में अपडेट स्टेटस पर आधार नंबर और यूआरएन डालें। इसके पूरा होते ही एक मैसेज नजर आएगा "योर रिक्वेस्ट कंपलीट सक्सेसफुल।' फिर इसे साइन आउट करें। शुरू में जहां डाटा अपडेट स्टेटस लिखा है। उस पर क्लिक करने के साथ ही एक बार फिर आधार नंबर एवं यूआरएन डालकर चैक करें। उसमें लिखा आएगा रिक्वेस्ट पेंडिंग। अब आप इंतजार करिए। कुछ समय बाद मोबाइल पर अपडेट की सूचना आ जाएगी।

Wednesday, 31 December 2014

दुनिया में और भी हैं ताजमहल

दुनिया में और भी हैं ताजमहल.
1

शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में यूपी के आगरा में ताजमहल का निर्माण करवाया. यह इमारत दुनिया के आश्चर्यों में शुमार है, जबकि इसे समय के साथ प्रेम का प्रतीक भी माना जाने लगा. दुनियाभर से लोग ताज का दीदार करने आगरा आते हैं. लेकिन इन सब के बीच दुनियाभर में ताजमहल की नकल कर कई अन्य इमारतें भी बनाई गईं. खास बात यह है कि ताज की इन नकलों का निर्माण अरब देशों से लेकर हिंदुस्तान की सरजमीं पर भी हुआ है.
2
अगर आप इसे आगरे का ताजमल समझ रहे हैं तो जरा ठहरिए और गौर से देखि‍ए. असल में यह तस्वीर ताजमहल की 'कॉपी कैट' है. यह औरंगाबाद स्थि‍त बीवी का मकबरा है. इसे 'मिनी ताज' भी कहते हैं.
3
दुबई में अरबों डॉलर की लागत से ताज अरेबिया का निर्माण करवाया जा रहा है. हालांकि यह अभी बनकर तैयार नहीं है, लेकिन संभव है कि 2016 तक इसे खोल दिया जाए. हालांकि मूल ताजमहल से इतर इसे एक वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर बनाया जा रहा है. इसे 'क्राउन ऑफ अरेबिया' का भी नाम दिया गया है.
4
कैलिफोर्निया की इस हाउसबोट को ताजमहल की शक्ल दी गई है. इसका निर्माण 70 के दशक में बिल हार्लन ने करवाया था. बताया जाता है कि बिल अपनी भारत यात्रा के दौरान ताजमल से खूब प्रभावित हुए थे, जिसके बाद उन्होंने उस समय करीब दो मिलियन डॉलर की लागत से इस ताजमहल हाउसबोट का निर्माण करवाया था
5
अटलांटिक सिटी, न्यूजर्सी की मशहूर इमारत ट्रम्प ताजमहल में भी भारत के ताजमहल की छवि दिखाई देती है. ताजमहल की तर्ज पर निर्मित यह एक कैसिनो और होटल है.
6
एक शहंशाह ने दौलत का सहारा लेकर हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक...' साहिर लुधियानवी का शेर खूब चर्चित रहा है, लेकिन बुलंदशहर के एक मजदूर ने अपनी पत्नी की याद में अपनी गरीबी से ऊपर उठकर ताजमल की नकल बनाने का प्रयास किया है. हालांकि पैसों की कमी के कारण यह अभी पूरा नहीं बन पाया है, लेकिन दुनिया में एक और ताजमहल के रूप में इसकी गिनती जरूर होने लगी है.
7
मलेशिया के इपोह में स्थानीय रेलवे स्टेशन को वहां के लोग ताजमल ऑफ इपोह पुकारते हैं. इसके पीछे उनका तर्क यह है कि यह भारत के ताजमहल की तरह उजले पत्थर से बना है और इसका मुख्य गुंबद ताजमल की तर्ज पर बनाया गया है.
8
विदेशी समाचार पत्र 'द गार्जियन' की खबर के मुताबिक, बांग्लादेश में एक फिल्म निर्माता ने ताजमहल की नकल बनवाई है. इसके पीछे उनका उद्देश्य टूरिस्टों को आकर्षित करना है. स्थानीय लोग इस इमारत को बांग्लादेश का ताजमहल पुकारते हैं.

Tuesday, 30 December 2014

एक रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का नोट कितने में छपता है।


नई दिल्ली. भारतीय बाजारों में बंद हो चुका एक रुपए का नोट नए साल से फिर से आपकी जेब में होगा। केंद्र सरकार दोबारा इसकी छपाई शुरू करने जा रही है। 1 जनवरी 2015 से इसकी छपाई फिर से शुरू होगी। करीब 20 साल पहले एक रुपए के नोट की छपाई बंद कर दी गई थी। वित्त मंत्रालय द्वारा कॉयनेज एक्ट 2011 में बदलाव के बाद फिर से एक रुपए का नोट छापने जा रही है। जानकारों के अनुसार कम मूल्‍य की राशि के नोट को छापने में सरकार को अधिक खर्च करना पड़ता है इसलिए छोटी राशि के नोटों का छपना बंद हो गया था।

हम आपको इस पैकेज के जरिए बता रहे हैं कि एक रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का नोट कितने में छपता है।

कितने में छपता है एक रुपए नोट

1 रुपए का नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 350 रुपए
सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 400 रुपए

1 रुपए का नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 0.35 पैसे
सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 0.40 पैसे

जानिए क्यों बंद हुई थी छपाई

सिक्के आने से बंद हुई थी एक रुपए की छपाई

एक, दो व पांच रुपए के सिक्कों के चलन में आने के बाद सरकार ने इनके नोटों की छपाई को बंद कर दिया था। एक रुपए के नोट की छपाई नवंबर 1994 में बंद की गई थी। वहीं, दो रुपए के नोट की छपाई फरवरी 1995 में और पांच रुपए के नोट की छपाई नवंबर 1995 में बंद की गई थी। हालांकि, पांच रुपए के नोट को सरकार ने बाद में दोबारा छापना शुरू कर दिया था। अब सरकार ने एक रुपए के नोट की छपाई भी शुरू करने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने इसकी गजट अधिसूचना भी जारी कर दी है।

मुद्रण कारखाने में छपेगा एक रुपए का नोट

पहले की तरह इस बार भी एक रुपए के नोट की छपाई रिजर्व बैंक के मिंट के बजाय भारत सरकार के मुद्रण कारखाने में ही होगी। नया नोट मौजूदा वित्त सचिव राजीव महर्षि के हस्ताक्षर से जारी किया जाएगा।

पहले से बड़ा होगा आकार

एक रुपए के नोट का आकार पहले के मुकाबले थोड़ा बड़ा होगा। इसका आकार 9.7 गुणा 6.3 सेंटीमीटर का होगा और इसके शीर्ष पर भारत सरकार लिखा नजर आएगा। नोट पर मल्टीटोनल वाटर मार्क में बिना सत्यमेव जयते शब्दों के अशोक की लाट अंकित होगी। मध्य भाग में सामान्य तौर पर न दिखने वाली संख्या '1' प्रकाशित होगी। नोट के दाईं तरफ 'भारत' शब्द अंकित होगा।

गुलाबी और हरे रंग का होगा मिश्रण

सूत्रों की मानें तो इस बार छपने वाले एक रुपए के करेंसी नोट का अगला हिस्सा गुलाबी और हरे रंग के मिश्रण में होगा। हिंदी व अंग्रेजी भाषा में वित्त सचिव के हस्ताक्षरों के साथ 'भारत सरकार' शब्द और रुपए के प्रतीक चिन्ह के साथ नए एक रुपए के सिक्के की छवि भी नजर आएगी। नोट के निचले हिस्से में दाईं ओर नोट का नंबर होगा।

नोटः एक रुपए के नोट की छपाई बैंकर के अनुसार, 0.35 से 0.40 पैसे प्रति नोट पड़ती है।

**********************************************************************************************************************
10 रुपए का नोट कितने में छपता है

10 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 660 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 946 रुपए

10 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 0.66 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 0.94 रुपए

**********************************************************************************************************************
कितने में छपता है 20 रुपए का नोट

20 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 940 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1160 रुपए

20 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 0.94 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1.16 रुपए

**********************************************************************************************************************
कितने में छपता है 50 रुपए का नोट

50 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1635 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 946 रुपए

50 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1.63 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 0.94 रुपए

**********************************************************************************************************************
कितने में छपता है 100 रुपए नोट

100 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1200 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1408 रुपए

100 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 1.20 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 1.40 रुपए

**********************************************************************************************************************
कितने में छपता है 500 का नोट

500 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2450 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 2530 रुपए

500 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2.45 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 2.53 रुपए

**********************************************************************************************************************
कितने में छपता है 1000 हजार का नोट

1000 के नोट (प्रति हजार नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2670 रुपए

सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- 3159 रुपए

1000 के नोट (प्रति नोट)-

भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड- 2.67 रुपए

**********************************************************************************************************************

Sunday, 28 December 2014

LPG मोबाइल से पता करें, आपका आधार कार्ड बैंक से जुड़ा है या नहीं

एक जनवरी से एलपीजी की सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ा जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इसके तहत अब तक 10 करोड़ आधार नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा मनरेगा, पीडीएस, स्कॉलरशिप, रेमिटेंस आदि के लिए भी आधार को बैंक अकाउंट से जोड़ना जरूरी है। आधार नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ने के लिए नागरिकों से उनका आधार कार्ड या आधार नंबर उस बैंक की शाखा में जमा करवाने को कहा गया है जहां उनका बैंक खाता है।
ऐसे पता करें बैंक से जुड़ा आधार या नहीं

यह पता करने के लिए कि आपका आधार नंबर आपके बैंक अकाउंट के साथ जुड़ गया है या नहीं, उपभोक्ता अपने मोबाइल पर *99*99# डायल करें। इसके बाद 12 डिजिट का आधार नंबर डालें और ओके करें। आधार नंबर सही है यह पुष्टि करने के लिए 1 डायल करें। इसके बाद मोबाइल पर आधार कार्ड के बैंक से जुड़े होने की जानकारी मिल जाएगी। इस मैसेज में यह भी बताया जाएगा कि किस बैंक से किस तारीख को आधार कार्ड लिंक हुआ है।
=================================================================================================================================================
एक जनवरी से देशभर में लागू होगी डीबीटीएल

पहल (डीबीटीएल) स्कीम सबसे पहले 1 जून 2013 को लॉन्च की गई थी और इसके तहत एलपीजी सब्सिडी लेने के लिए लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य बताया गया था। सरकार ने बाद में इस स्कीम में फेरबदल कर इसे 15 नवंबर 2014 को 54 जिलों के लिए लॉन्च किया था और अब ये सेवा 1 जनवरी 2015 से यह देश भर में लागू होने जा रही है।

इस स्कीम के तहत अब एलपीजी उपभोक्ता सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में ले सकेंगे। स्कीम से जुड़ने वाले सीटीसी कंज्यूमर कहलाएंगे। इसके दो तरीके हैं। प्राइमरी तरीके में जहां उपभोक्ता के पास आधार नंबर है उसे अपने आधार नंबर को बैंक अकाउंट नंबर और एलपीजी कंज्यूमर नंबर के साथ लिंक करना होगा। जबकि सैकंड्री तरीके में जहां उपभोक्ता के पास आधार नंबर नहीं है वहां वह अपनी सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में पा सकता है। इसके लिए या तो वे अपना बैंक अकाउंट की जानकारी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को दें या फिर अपना एलपीजी कंज्यूमर आईडी अपने बैंक को दें।
==================================================================================================================================================
मार्केट रेट पर मिलेगा सिलेंडर

पहल (डीबीटीएल) स्कीम के तहत उपभोक्ता को मार्केट रेट पर सिलेंडर खरीदना होगा और उस पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे सीटीसी कंज्यूमर के बैंक अकाउंट में जाएगी।

ग्रेस पीरियड

नॉन-सीटीसी कंज्यूमर्स को इस स्कीम से जुड़ने और सीटीसी बनने के लिए 3 महीने का समय मिलेगा। इस दौरान उन्हें सिलेंडर सब्सिडाइज्ड रिटेल सेलिंग प्राइस पर ही मिलेगा। इसके बाद उन्हें 3 महीने का पार्किंग पीरियड भी मिलेगा और इस दौरान उन्हें एलपीजी सिलेंडर बिना सब्सिडी के मार्केट प्राइस पर ही लेना होगा।

पर्मानेंट एडवांस

हर सीटीसी कंज्यूमर को पहल के साथ जुड़ने पर वन-टाइम एडवांस मिलेगा। यह एडवांस वित्तीय वर्ष के लिए फिक्स रहेगा। कनेक्शन कटने पर ही यह एडवांस एडजस्ट किया जाएगा।

Saturday, 6 December 2014

2014 youtube


गैजेट डेस्क। यूट्यूब इंटरनेट पर मौजूद बेस्ट वीडियो सर्विस है। ये यूजर फ्रेंड्ली है और इस वेबसाइट पर यूजर्स के हिसाब से वीडियोज मिल ही जाते हैं।
यूट्यूब का इस्तेमाल वैसे तो आपने कई बार किया होगा, लेकिन क्या आपको पता है की यूट्यूब वीडियोज के URL में जरा-सा फेरबदल कर कई काम किए जा सकते हैं।

http://compatativequestion.blogspot.com आपको आज बताने जा रहा है यूट्यूब वेबसाइट से जुड़ी कुछ खास ट्रिक्स के बारे में, जिन्हें शायद नहीं जानते होंगे आप।

1. ऐसे बिना किसी सॉफ्टवेयर के करें वीडियोज डाउनलोड-

यूट्यूब की मदद से आसानी से वीडियोज डाउनलोड किए जा सकते हैं। इसके लिए किसी खास सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं होगी। इतना ही नहीं,

यूट्यूब से MP3 फाइल्स भी डाउनलोड की जा सकती हैं। आपको सिर्फ URL में थोड़ा-सा फेरबदल करना होगा।

किसी भी वीडियो को डाउनलोड करने के लिए उसके URL के सामने PWN लिखना होगा। ध्यान रहे URL से http:// या https:// पहले हटा दिया हो।

ऊदाहरण-

www.youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA

ये वीडियो URL कुछ ऐसा बन जाएगा-

www.pwnyoutube.com/watch?v=9yZDsep3IBA
=======================================================================================================================================================


करें MP3 डाउनलोड-

इसके बाद आप अपने मनपसंद फॉर्मेट में वीडियो डाउनलोड कर सकते हैं। इन्हें वीडियो से MP3 फाइल्स में भी इसी पेज से कन्वर्ट किया जा सकता है। वीडियो URL में PWN जोड़ने के बाद एक अलग साइट खुलेगी। इस साइट पर ऊपर के हिस्से में वीडियो डाउनलोड करने के ऑप्शन रहेंगे और निचले हिस्से में वीडियो को MP3 में बदलने के ऑप्शन रहेंगे (जैसा कि फोटो में दिखाया गया है)।

MP3 में बदलने के लिए दी गई वेबसाइट्स में से किसी एक को इस्तेमाल करना होगा। एक बार वीडियो कन्वर्ट हो जाए तो उसे अपने पीसी में डाउनलोड किया जा सकता है।
========================================================================================================================================================
3

वीडियो को करें रिपीट-

यूट्यूब URL में थोड़ा-सा फेरबदल करके आप अपने यूट्यूब वीडियो को कितनी भी बार रिपीट कर सकते हैं। इसके लिए आपको बार-बार यूट्यूब साइट पर नहीं जाना होगा। ये प्रोसेस अपने आप होगी। इसके लिए यूट्यूब वीडियो URL में "repeater" Youtube के बाद जोड़ना होगा।

जैसे-

youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA

ऐसा बन जाएगा-

youtuberepeater.com/watch?v=9yZDsep3IBA
========================================================================================================================================================
4

अगर वीडियो में रीजनल रिस्ट्रिक्शन हो तो-

कई बार ऐसे वीडियोज सामने आ जाते हैं, जो किसी और देश से होस्ट किए गए हों। ये वीडियोज आपके एरिया के लिए रिस्ट्रिक्ट होते हैं। ऐसे में, ये अपने आप में बहुत कॉम्प्लिकेटेड होते हैं। इन वीडियोज के URL में भी फेरबदल करना पड़ेगा।

उदाहरण-

watch?v=IEIWdEDFlQY ये URL

ऐसा बन जाएगा-

/v/IEIWdEDFlQY
========================================================================================================================================================
5

अगर वीडियो किसी खास जगह से चलाना हो तो-

अगर यूट्यूब का वीडियो किसी खास जगह से चलाना हो, तो इसके लिए आप वीडियो का करंट टाइम URL नोट कर सकते हैं। अगर कोई खास टाइम है, तो यूट्यूब वीडियो का करंट टाइम URL आप किसी भी समय वीडियो पर राइट क्लिक करके कॉपी कर सकते हैं, जैसा कि फोटो में दिखाया गया है।

अगर ऐसा नहीं करना है या कुछ सेकंड बाद से वीडियो चलाना है तो-
ये URL-

www.youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA

कुछ ऐसा बन जाएगा-

https://www.youtube.com/watch?v=9yZDsep3IBA#t=86